Thursday, February 11, 2016

सनातनी विचार !
आदि-अनादि ''सनातन धर्म'' के मुकुटमणि ''सनातन ब्रह्म'' सूर्य देव के उपासना का महान पर्व, ''आदि देव'' सूर्य की कृपा प्राप्त करने का महान पर्व मकर संक्रान्त्रि की हार्द्दिक शुभ कामना सभी ''सनातनी गौ-भक्त समाज'' को जय गौ माता की ।
भगवान सूर्य को ''आदि सनातन देव'' इसलिए भी कहाँ गया है सत्युग में घोर तपश्या के पुण्य से महर्षि कश्यप की संतान के रूप में ऋषि को सम्मान देने प्रकटे सूर्य नारायण, जब श्रीराम ने अवतार लिया त्रेता युग में तब भी आप संसार का अंधकार मिटा रहे थे और जब श्री कृष्ण अवतार हुआ द्वापर युग में तब भी आप मौजूद थे, और आज कल्युग में जब पुरे विश्व में आध्यतम के क्षेत्र में घोर अँधेरे का वातावरण है तो भी आप ही अज्ञान मिटाने मौजूद है अदितीय पुत्र।
''नयाल सनातनी''

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