सनातनी विचार !
तुम जीत गये मैं हार गया, तेरे संसार ने मुझे मार दिया।
जिन्दगी भर जो 'राम' जपा, अंत समय मेरा काम दिया।
''नयाल सनातनी''
जीत किसके लिए,हार किसके लिए।
ज़िंदगी में ये तकरार किसके लिए।?।
जीव आया है संसार में, एकदिन जाना ही होगा।
फिर इतना सारा अहंकार, किसके लिए।?।
तुम जीत गये मैं हार गया, तेरे संसार ने मुझे मार दिया।
जिन्दगी भर जो 'राम' जपा, अंत समय मेरा काम दिया।
''नयाल सनातनी'
तुम जीत गये मैं हार गया, तेरे संसार ने मुझे मार दिया।
जिन्दगी भर जो 'राम' जपा, अंत समय मेरा काम दिया।
''नयाल सनातनी''
जीत किसके लिए,हार किसके लिए।
ज़िंदगी में ये तकरार किसके लिए।?।
जीव आया है संसार में, एकदिन जाना ही होगा।
फिर इतना सारा अहंकार, किसके लिए।?।
तुम जीत गये मैं हार गया, तेरे संसार ने मुझे मार दिया।
जिन्दगी भर जो 'राम' जपा, अंत समय मेरा काम दिया।
''नयाल सनातनी'
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