सनातनी विचार !
साहस (मजबूत आत्म-बल ) ही एक मात्र ऐसा सच्चा साथी है। जो जिसे लेकर मनुष्य एकाकी भी दुर्गम दिखने वाले पथ पर चल पड़ने एवं लक्ष्य तक जा पहुँचने में समर्थ हो जाता है। जैसे ही साहस टुटा रास्ता छूटा, मंजिल बहुत दूर होती जाती है। गहरे दरिया को लांघने का साहस दिखाने वाला 5 फुट का साहसी बालक एक दिन देश का प्रधान मंत्री बन जाता है। ( लाल बहादुर )
''नयाल सनातनी''
साहस (मजबूत आत्म-बल ) ही एक मात्र ऐसा सच्चा साथी है। जो जिसे लेकर मनुष्य एकाकी भी दुर्गम दिखने वाले पथ पर चल पड़ने एवं लक्ष्य तक जा पहुँचने में समर्थ हो जाता है। जैसे ही साहस टुटा रास्ता छूटा, मंजिल बहुत दूर होती जाती है। गहरे दरिया को लांघने का साहस दिखाने वाला 5 फुट का साहसी बालक एक दिन देश का प्रधान मंत्री बन जाता है। ( लाल बहादुर )
''नयाल सनातनी''
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