सनातनी विचार !
शिव (कल्याण ) को पाना पहले भी आसन था, आज भी। अपने अहंकार को त्यागना पहले भी कठिन था आज भी।
जिन्होंने अपने अहंकार को त्याग दिया, उनका जीवन शिव-मय ( कल्याण-मय ) हुआ है पहले भी आज भी !
''नयाल सनातनी''
शिव (कल्याण ) को पाना पहले भी आसन था, आज भी। अपने अहंकार को त्यागना पहले भी कठिन था आज भी।
जिन्होंने अपने अहंकार को त्याग दिया, उनका जीवन शिव-मय ( कल्याण-मय ) हुआ है पहले भी आज भी !
''नयाल सनातनी''
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