सनातनी विचार !
नींद- इर्ष्या - काम चोरी आदि अनेक अपनी बुराइयों को स्वीकार करना बड़े साहस का काम है। पर उससे बड़ी हिम्मत की बात यह है कि उन्हें छोड़ने का दृण निश्चय किया जाय ! जीवन में आगे बढ़ा जाय,जब हम ये सब बुराइया छोड़कर आगे बढ़ते है तो अनेक 'शुभ मंजिलें' हमारा इंतजार करते हुए खड़ी मिलती है,जो सत मार्ग की ओर ले चलती है। और उस राह पर हमें परमात्मा के सच्चे बन्दे मिलते जाते है।
''नयाल सनातनी''
नींद- इर्ष्या - काम चोरी आदि अनेक अपनी बुराइयों को स्वीकार करना बड़े साहस का काम है। पर उससे बड़ी हिम्मत की बात यह है कि उन्हें छोड़ने का दृण निश्चय किया जाय ! जीवन में आगे बढ़ा जाय,जब हम ये सब बुराइया छोड़कर आगे बढ़ते है तो अनेक 'शुभ मंजिलें' हमारा इंतजार करते हुए खड़ी मिलती है,जो सत मार्ग की ओर ले चलती है। और उस राह पर हमें परमात्मा के सच्चे बन्दे मिलते जाते है।
''नयाल सनातनी''
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