सनातनी विचार !
जिस प्रकार कीमती रत्न-आभूषण खंडित होने पर भी फैका नहीं जा सकता ! उसे हिफाजत से सम्भाल कर रखा जाता है । उसी प्रकार विद्वान व्यक्ति में कोई साधारण दोष होने पर उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।विद्द्वान भी एक अमूल्य रत्न है, संकट काल के समय विद्द्वान 'राजा' को सही मार्गदर्शन कर प्रजा के संकटों का हरण करता सिद्द होते है।
''नयाल सनातनी''
जिस प्रकार कीमती रत्न-आभूषण खंडित होने पर भी फैका नहीं जा सकता ! उसे हिफाजत से सम्भाल कर रखा जाता है । उसी प्रकार विद्वान व्यक्ति में कोई साधारण दोष होने पर उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए।विद्द्वान भी एक अमूल्य रत्न है, संकट काल के समय विद्द्वान 'राजा' को सही मार्गदर्शन कर प्रजा के संकटों का हरण करता सिद्द होते है।
''नयाल सनातनी''
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