सनातनी विचार !
सनातन शास्त्रों के अनुसार दान के तीन भेद ! गृह, मंदिर या महल, विध्या, भूमि, गौ, कूप, प्राण और स्वर्ण – इन वस्तुओं का दान अन्य वस्तुओं की अपेक्षा उत्तम माना गया है । अन्न, बगीचा, वस्त्र तथा अश्व,वाहन आदि – इन द्रव्यों के दान को मध्यम दान कहते हैं । जूता, छाता, बर्तन, दही, मधु, आसन, दीपक, काष्ठ और पत्थर आदि वस्तुओं के दान को कनिष्ठ दान बताया है ।
''नयाल सनातनी''
सनातन शास्त्रों के अनुसार दान के तीन भेद ! गृह, मंदिर या महल, विध्या, भूमि, गौ, कूप, प्राण और स्वर्ण – इन वस्तुओं का दान अन्य वस्तुओं की अपेक्षा उत्तम माना गया है । अन्न, बगीचा, वस्त्र तथा अश्व,वाहन आदि – इन द्रव्यों के दान को मध्यम दान कहते हैं । जूता, छाता, बर्तन, दही, मधु, आसन, दीपक, काष्ठ और पत्थर आदि वस्तुओं के दान को कनिष्ठ दान बताया है ।
''नयाल सनातनी''
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