Thursday, February 11, 2016

सनातनी विचार !
धर्म किसे कहते है ! युधिष्ठर-भीष्म संवाद -- जिसमे अभुदय ( लोकिक उन्नति ) और निःश्रेयस ( पार-लौकिक उन्नति यानि मोक्ष ) सिद्द होते हो वही धर्म है। धर्म अधोगति में जाने से रोकता है, मानव जीवन की रक्षा करता है।
धर्म ने ही सारी प्रज्ञा को धारण कर रखा है। इसलिए जिससे धारण और पोषण सिद्द हो वही धर्म है। जो अहिंसा से युक्त हो वही धर्म है। जहाँ हिंसा हो वही अधर्म की सुरुवात हो जाती है। सनातन काल से ही हिंसक से जीव-जन्तु दूर भागते हुए 'अहिंसक' की शरण लेते है। जो हिंसा से पीड़ित जीव को शरण देता है वही धार्मिक है।
''नयाल सनातनी''सर्वदलीय गौरक्षा मंच परिवार

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