Tuesday, February 23, 2016

सनातनी विचार !
भगवान सबके लिए सुलभ है, बस हमें पात्र बनना है। क्योकि भगवान को सोने-चाँदी के पात्र में ही भोग लगाया जाता है पीतल में नहीं।
''नयाल सनातनी''

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